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अयोध्या में रियल्टी बूम

Torbit - February 02, 2024 - - 0 |

बहुप्रतीक्षित राम मंदिर के निर्माण और अभिषेक ने न केवल हिंदुओं के प्राचीन धार्मिक स्थल और भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या की महिमा को पुनर्जीवित किया है, बल्कि इस क्षेत्र में रियल एस्टेट में एक अभूतपूर्व तेजी की शुरुआत भी की है।

विनोद बहल

अयोध्या के 31000 करोड़ रुपये के मेकओवर ने इस छोटे से स्थान को एक संपन्न और आधुनिक टाउनशिप में बदल दिया है। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने मिलकर अयोध्या में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया है, जिससे रियल एस्टेट में तेजी आई है।

अयोध्या में शुरू की गई 178 इन्फ्रा परियोजनाओं में 1463 करोड़ रुपये की लागत से 821 एकड़ में फैला महर्षि बाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल है जिसकी वार्षिक क्षमता 10 लाख यात्रियों को संभालने की है और भविष्य में 1 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता वाला अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण इसमें शामिल है। इनके अलावा, एक भव्य बस स्टेशन का निर्माण किया गया है।

अयोध्या के लिए सड़क कनेक्टिविटी को एक बड़ा बढ़ावा दिया गया है जो लखनऊ ईवे से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। साथ ही गोरखपुर लिंक ईवे (एनएच 27) गोरखपुर, आज़मगढ़ और अन्य स्थानों से अयोध्या को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। शहर के भीतर 4-लेन सड़कें और आसपास के जिलों को जोड़ने वाली सड़कें भी धार्मिक पर्यटन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और इन सबके द्वारा यहां रियल एस्टेट में तेजी आ रही है। विमल नडार, सीनियर डायरेक्टर, रिसर्च, कोलियर्स इंडिया कहते हैं, “बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने से अयोध्या एक पसंदीदा धार्मिक पर्यटन स्थल बन जाएगा और शहर के कायापलट से आवासीय, रिटेल और वाणिज्यिक सहित रियल एस्टेट मूल्य श्रृंखला में मूल्य क्षमता को अनलॉक करने में काफी असर पड़ेगा।

अयोध्या में जमीन के सौदों की अचानक आई बाढ़ से स्पष्ट रूप से वहां रियल्टी बूम की स्थिति दिखाई देती है। उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में भूमि सौदों में 300 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है और यह वित्त वर्ष 2018 में 5962 से बढ़कर वित्त वर्ष 2023 में 20067 हो गई। जमीन का कारोबार करने वाले दलालों का कहना है कि आज औसतन प्रतिदिन दो दर्जन से अधिक जमीनों के सौदे हो रहे हैं. लग्जरी विला, अवकाश/सेवानिवृत्ति गृह या होमस्टे के लिए जमीन के सौदों में आई इस उछाल ने जमीन की कीमतों में वृद्धि की है।

अनुज पुरी, चेयरमैन, एनारॉक ग्रुप कहते हैं, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2019 में अयोध्या में संपत्ति की कीमतें लगभग 25-30 प्रतिशत बढ़ गईं। बाहरी इलाके (फैजाबाद रोड) में जमीन की कीमतें लगभग 400-700 रुपये प्रति वर्ग फुट बढ़ गई थीं। इस दौरान शहर की सीमा के भीतर औसत कीमतें 1000-2000 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच थीं। हालांकि, अयोध्या के बाहरी इलाके में औसत कीमतें बहुत अधिक बढ़ गई हैं। जहां तक शहर की सीमा के भीतर के क्षेत्रों की बात है, औसत कीमतें 4000- 6000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई हैं। इस प्रकार 2019 और 2023 के बीच औसत कीमतों में उल्लेखनीय उछाल आया है।”

रवि निर्वाल, सेल्स डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल पार्टनर, स्क्वायर यार्ड्स का कहना है कि सीमित भूमि उपलब्धता और बढ़ती मांग के कारण, कुछ क्षेत्रों में संपत्ति की कीमतें लगभग अप्राप्य स्तर पर पहुंच गई हैं। संपत्ति के प्रकार और मंदिर से निकटता के आधार पर, भूमि और संपत्तियों की कीमत बढ़ गई है। मंदिर स्थल के 5-10 किमी के भीतर दरें 2000 रुपये प्रति वर्ग फुट से लगभग 20000 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच उतार-चढ़ाव कर रही हैं।”

निर्वाल ने चौदह कोसी, परिक्रमा, रिंग रोड, देवकाली, नयाघाट (मंदिर के 5-15 किमी के दायरे में स्थित) जैसे क्षेत्रों को अयोध्या में निवेश के लिए सबसे अधिक मांग वाले स्थानों के रूप में सूचीबद्ध किया है। इसके अलावा, गोरखपुर फैजाबाद राजमार्ग पर भूमि पार्सल में निवेश गतिविधि बढ़ रही है। . इस उभरते बाजार में पूंजी लगाने के इच्छुक निवेशक वाणिज्यिक और आवासीय दोनों परियोजनाओं का पता लगा सकते हैं, जिनमें कीमतें बढ़ने की उच्च संभावना है, खास तौर पर अगर संपत्ति मंदिर परिसर के कुछ किमी के भीतर स्थित है। इसके अलावा, यदि कोई वाणिज्यिक संपत्तियों में निवेश करना चाहता है, तो संभावित रिटर्न लगातार बना रहेगा और जमीन/परिसंपत्ति का मूल्य बढ़ने के बाद संपत्ति बेचकर लाभ बुक किया जा सकता है।

कीमतों में उच्च वृद्धि की संभावना को देखते हुए, अयोध्या में संपत्ति मशहूर हस्तियों को आकर्षित कर रही है। बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने सरयू नदी के तट पर ‘द सरयू’ परियोजना में लगभग 14.5 करोड़ रुपये में 10000 वर्ग फुट का प्लॉट खरीदा है, जिसे मुंबई स्थित ब्रांडेड भूमि डेवलपर- हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा द्वारा विकसित किया जा रहा है। अंतिम उपयोगकर्ताओं और निवेशकों द्वारा मांग में वृद्धि की वजह से इस संपत्ति में उछाल आया है और इसे अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे 80 एकड़ में फैली एक नई आवास योजना से और बढ़ावा मिलेगा।

देश के हर कोने से एक अच्छी तरह से जुड़े शहर के रूप में, अयोध्या में आने वाले वर्षों में बड़ी संभावनाएं हैं, जो टाउनशिप और होटल विकास के लिए प्रमुख डेवलपर्स को आकर्षित करेगा। अनुज पुरी का कहना है कि एक पर्यटन स्थल के रूप में अयोध्या की अपार संभावनाओं के कारण, यह सभी बजट श्रेणियों में होटलों के साथ आतिथ्य के केंद्र के रूप में उभरेगा। आतिथ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अयोध्या में वर्तमान में केवल दो ब्रांडेड होटल हैं जिनमें कुल मिलाकर लगभग 150 कमरें हैं जबकि यहां सभी श्रेणियों में 30000 कमरों की आवश्यकता होगी। इस क्षमता को महसूस करते हुए, टाटा समूह ने यहां दो होटल जिनका परिचालन 2027 तक शुरू किया जाएगा—के लांच की योजना की घोषणा की है।

ओयो ग्रुप, के संस्थापक और ग्रुप सीईओ, रितेश अग्रवाल के अनुसार, 2024 के अंत तक पुरी, शिरडी, वाराणसी, अमृतसर, तिरूपति, हरिद्वार, कटरा वैष्णोदेवी और चार धाम मार्ग के अन्य धार्मिक स्थलों के अलावा, वह अयोध्या में 400 संपत्तियां लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। अमन सरीन,डायरेक्टर एवं सीईओ, अनंत राज लिमिटेड कहते हैं, पर्यटन में उछाल के कारण, अयोध्या सहित धार्मिक स्थल, स्थानीय और बाहरी दोनों तरह के घर खरीदारों को आकर्षित करेंगे, जो व्यक्तिगत उपयोग और निवेश उद्देश्यों के लिए संपत्ति खरीदेंगे और इनमें हॉलिडे होम और रिटायरमेंट होम की मांग सबसे ज्यादा होगी”।

नई ग्रीनफील्ड अयोध्या टाउनशिप का प्रस्तावित विकास यहां शहरी विकास में एक बिल्कुल नए चरण की शुरुआत करेगा। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास बोर्ड द्वारा विकसित किए जाने वाला क्षज्ञ1407 एकड़ में 2182 करोड़ रुपये का यह टाउनशिप, भारत का पहला वास्तु-आधारित और नदी-केंद्रित शहर होगा, जो पारंपरिक और समकालीन वास्तुकला का मिश्रण होगा और जो स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस नए अयोध्या शहर का निर्माण आतिथ्य सहित धार्मिक और वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए भूखंडों के आवंटन के साथ पहले ही शुरू हो चुका है। आगे चलकर, जैसे-जैसे अयोध्या को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, यह मक्का और वेटिकन की तर्ज पर एक वैश्विक आध्यात्मिक शहर के रूप में उभरेगा और इस प्रकार भारत के शहरी विकास और रियल एस्टेट परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।

राम मंदिर – रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए एक मार्कटिंग बज़वर्ड

अयोध्या में राम मंदिर से पैदा हुए उत्साह ने रियल एस्टेट डेवलपर्स को इस धार्मिक उत्साह को भुनाने के लिए प्रेरित किया है। अयोध्या में राम मंदिर से प्रेरित होकर, एनसीआर स्थित त्रेहन ग्रुप ने अलवर में अपनी 250 एकड़ की टाउनशिप, ‘अपना घर शालीमार’ में एक राम मंदिर बनाया है। दिलचस्प बात यह है कि खूबसूरत लैंडस्केपिंग के साथ 2 एकड़ में फैले इस मंदिर का डिजाइन अयोध्या के मूल राम मंदिर से प्रेरित है।

इस मंदिर के आसपास की चर्चा ने पहले ही डेवलपर को भरपूर लाभ पहुंचाया है। मंदिर के बगल में की गई प्लाटिंग पूरी तरह बिक गई। सारांश त्रेहान, डायरेक्टर, त्रेहान ग्रुप कहते हैं,हमारे राम मंदिर की अपील ऐसी रही है कि हम मंदिर के निकट होने के कारण टाउनशिप में गैर-प्रमुख भूखंडों का उच्च दरों पर सफलतापूर्वक विपणन कर पाए हैं। प्रवेश द्वार पर चौड़ी सड़क के साथ प्रमुख भूखंडो की कीमत टाउनशिप में 30000-35000 रुपये प्रति वर्ग गज चल रही है। रेलवे ट्रैक के पास टाउनशिप के अंत में गैर-प्रमुख भूखंडों की कीमत 30000 रुपए  प्रति वर्ग गज के करीब है, जो कि उनकी वास्तविक कीमत से दोगुनी है ।”

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